पराधीन सपनेहूँ सुख नाहीं

Author Photo SONIA PARUTHI Mon 11th Dec 2006      Write your Article
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पराधीन सपनेहूँ सुख नाहीं

तुलसीदास जी ने हमारे जीवन की सबसे बङी सच्चाई से अवगत कराया है कि जो व्यक्ति पूरे विश्व में दूसरों पर अधीन होता है,  वह व्यक्ति सपनों में भी सुख नहीं पाता है । हमें किसी पर भी निर्भर नहीं रहना चाहिए। हमें खुद पर अटूट विश्वास होना चाहिए व सच्ची लगन से अपने लक्ष्य की और बढ़ते रहना चाहिए। अगर हमारे भीतर अखंड विश्वास, लगन कूट कूटकर भरी होगी तो अवश्य ही सफलता हमारे कदम चूमेगी व अपने गले लगा लेगी। जो व्यक्ति दूसरों पर निर्भर रहता है,वह संसार में दुखिया बनकर ही रह जाता है।उसे अपने ऊपर विश्वास ही नहीं होता तो सफलता क्या खाक उसे गले लगाएगी। उसकी जिन्दगी दूसरों से ही प्रारंभ होती है और दूसरों पर ही खत्म हो जाती है। वह दूसरों की इच्छाओं पर ही अपना जीवन व्यतीत करता है और उनके हाथों की कठपुतली बन कर रह जाता है। ऐसा व्यक्ति स्वयं अपने जीवन का गला घोंट देता है। ऐ पी जे अब्दुल कलाम ने सच ही कहा है कि शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वह माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या हमारे पेशे का। अगर हमें शिखर पर पहुँचना है तो सर्वप्रथम खुद पर निर्भर होना चाहिए और फिर हिम्मत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए तभी हम खुशी का अनुभव करेंगे।

Composed by
SONIA PARUTHI
AMENITY PUBLIC SCHOOL

PYAARA SA SAFAR

Author  Photo SONIA PARUTHI   (Sun 7th Apr 2019) PYAARA SA SAFAR
29 August ko hui thi pehli mulakaat,
Taraste they sunne ko wo unki aahat.

5 september ko hui unki dosti,
Ek ladki jo shaadi se bhut darti.

Intezaar mein baithe rehte they wo,
Baar baar niharte shayad koi paigaam aaya ho.

Hokar mayoos fir laut jaate, .... Read More

जिंदगी के दो पहलू-एक कटु सत्य

Author  Photo Pandit Sanjay Sharma 'aakrosh'   (Fri 20th Oct 2017) जिंदगी के दो पहलू-एक कटु सत्य
जिंदगी के खेल बड़े ही निराले होते हैं
जिनमे कुछ लोग बड़े ही मुकद्दर वाले होते हैं
चाल ढाल से वो बड़े ही मतवाले होते हैं
लोग जिनके हाथों में हाथ डाले होते हैं
जो विहस्की में रम और वोदका डाले होते हैं
अपनों के बीच वो बड़े दिलवाले होते हैं
अपने शहर में कुछ गन्दे नाले होते हैं
यहां रहने वाले बड़े.... Read More

आज फिर हमें अपना बनाने की कोशिश कर रहे हैं

Author  Photo Madhu Bhagat   (Thu 13th Apr 2017) आज फिर हमें अपना बनाने  की कोशिश कर रहे हैं
खोये अहसास आज फिर दरवाजे पे दस्तक दे रहे हैं
आखों में अश्क लिए हमको आज भी अपना खास बता रहे है
वक्त से मजबूर थे हम कहकर
आज फिर हमसे झूठ बोलने की खता कर रहे है
एक अरसे बाद लौटे है हमारे जिंदगी में
आज फिर हमें अपना बनाने की कोशिश कर रहे हैं |

वो हमसे इश्क की फरियाद कर रहे हैं
आज फिर.... Read More

Khwav tumhare pure honge

Author  Photo Pandit Sanjay Sharma 'aakrosh'   (Sun 1st Feb 2015) Khwav tumhare pure honge
Khwav tumhare pure honge

Pryas tumhara kafi hai

Manjil tumhari raah Dekh rahi

Bas arman tumhara kafi hai

ROK sake Jo manjil Teri
.... Read More

बापू तुमने राह दिखाई

Author  Photo Pandit Sanjay Sharma 'aakrosh'   (Sat 26th May 2018) बापू तुमने राह दिखाई
बापू तुमने राह दिखाई
देश मे ऐसी अलख जगाई
सत्य अहिंसा से लड़ी लड़ाई
अंग्रेजों से मुक्ति दिलाई
भाग गए अंग्रेज कसाई
देश को तुमने आजादी दिलाई
अब लड़ते यहां भाई भाई
चाहें हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई
नेता कर रहे काली कमाई
खा रहे वो दूध मलाई.... Read More

एक अधूरी प्रेम कहानी......

Author  Photo Shrivastva MK   (Sat 7th Oct 2017) एक अधूरी प्रेम कहानी......
कई वर्ष बीत गए है तेरी याद में रोते हुए,
लिख रहा हु आज तेरी यादों को पलको को भिगोते हुए,

जब पहली बार ये नज़र तुझपर पड़ी थी,
मुस्कुराया था थोड़ा सा मैं क्योंकि मेरे सामने एक परी खड़ी थी,

धीरे धीरे हम एक-दूसरे के नज़दीक आते गए,
हंसकर एक दूसरे से सारी बाते बताते गए,

वो खूबसूरत पल धीरे-धीरे गुजरत.... Read More

नादान चाहत

Author  Photo Pandit Sanjay Sharma 'aakrosh'   (Thu 12th May 2016) नादान चाहत
थी नादान चाहत
गमों के उजाले
पड़ गए अब तो जैसे
इस दिल में छाले
नहीं साथ देंगे
कभी दुनिया वाले
जाने हम कैसे
जिंदगी थे सम्भाले

पं संजय शर्मा 'आक्रोश'.... Read More

Jindgi meri ik Khwav ban gai

Author  Photo Pandit Sanjay Sharma 'aakrosh'   (Sat 31st Jan 2015) Jindgi meri ik Khwav ban gai
Jindgi meri ik khwav ban gai

Kanto bhara vo taj ban gai

Kisne lagai vo aage ban gai

Jindgi meri lajwav ban gai

Jindgi meri..,..................
.... Read More

हम भारतीय हैं।

Author  Photo Shrivastva MK   (Sat 26th May 2018) हम भारतीय हैं।
हम ना तो नेता को पसंद करते है,
हम ना राजनेता को पसंद करते है,
जिस देश मे जन्म लिया है हमने
हम उस मिट्टी को पसंद करते है।

हम ना कोई अभिनेता के पुत्र है,
हम ना कोई राजनेता के पुत्र है,
ख़ुद भूखे रहकर भी मुझे खिलाया
हम उस अनमोल मा-बाप के पुत्र है
.... Read More