अहमद पटेल तो बहाना है असल खेल तो विकास के मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना है

Author Photo Pandit Sanjay Sharma 'aakrosh' Sun 29th Oct 2017      Write your Article
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अहमद पटेल तो बहाना है असल खेल तो विकास के मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना है
गुजरात चुनाव की तारीख का एलान बेशक हाल ही में हुआ हो लेकिन राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात को फतह करने की कवायद पहले से ही शुरू हो गई थी ।
गुजरात चुनाव का प्रचार अपने चरम पर है इसके अलावा शह और मात देने के लिए मोहरे इधर से उधर बैठाए भी जा रहे हैं । इसके अलावा शब्द बाणों के प्रहार भी गुजरात चुनाव को रोचक और कशमकश भरा बना रहे हैं ।
राहुल गांधी द्वारा जी एस टी को गब्बर सिंह टैक्स से अलंकृत करना भी चुनाव को रोमांचक बना रहा है । नोटबन्दी को लेकर भी राहुल गांधी के प्रहार जारी हैं इसके अलावा जय शाह के शाही विकास के मुद्दे ने भी राजनीतिक हलकों में सुर्खियां बटोरीं ।
इधर मोदी जी को भी गुजरात को फतह करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है । विकास के मुद्दे पर कांग्रेस को चुनाव लड़ने की चुनौती और नसीहत देते नजर आते हैं मोदी जी ।
इन सब चुनावी बिसातों के बीच ही गुजरात के सरदार पटेल अस्पताल के 2014 तक ट्रस्टी रहे कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य अहमद पटेल के अस्पताल में लैब टेक्नीशियन रहे कासिम टिंबरवाला के आई एस आई एस से जुड़ा होने और गुजरात मे आतंकी घटनाओं को अपने एक और साथी उबेर अहमद मिर्जा जो सूरत जिला अदालत में वकील है के साथ अंजाम देने की साजिश रचने पर गुजरात ए टी एस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया ।
आतंकी की गिरफ्तारी और उसके सरदार पटेल अस्पताल का पूर्व कर्मचारी होने एवम कभी उस अस्पताल के ट्रस्टी रहे अहमद पटेल पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निशाना साधते हुए अहमद पटेल से इस्तीफे की मांग भी कर डाली और राहुल गांधी को भी इस मुद्दे पर घेरते हुए उनसे भी सफाई मांगी गई ।
कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर रणदीप सुरजेवाला ने सफाई देते हुए मोर्चा संभाला और खुद अहमद पटेल द्वारा भी सफाई के साथ ही आतंकी मुद्दे पर राजनीति न करने की सलाह दी है ।
अब यहां प्रश्न ये उठता है पकड़ा गया एक आतंकी कासिम टिंबरवाला सरदार पटेल अस्पताल में लैब टेक्नीशियन था जो अस्पताल की अपनी नोकरी से इस्तीफा भी दे चुका था और दूसरा पकड़ा गया आतंकी उबेर अहमद मिर्जा सूरत जिला अदालत में वकील है ।
बीजेपी नेता अहमद पटेल से तो जबाव और इस्तीफा मांग रहे हैं वैसे क्या कभी किसी बीजेपी के नेता ने आरोप पर इस्तीफा दिया है लालकृष्ण आडवाणी को बेशक इसका अपवाद कहा जा सकता है लेकिन आज लालकृष्ण आडवाणी की बीजेपी में क्या सिथति है लिखने की आवश्यकता नहीं है ।
अब दूसरा आतंकी उबेर अहमद मिर्जा जो सूरत जिला अदालत में वकील है उसका जबाव बीजेपी नेता किससे मांगेंगे और किसका इस्तीफा मांगेंगे इसको भी स्पष्ट कर दें ।

जबकि आतंकी कासिम के बारे में अहमद पटेल या राहुल गांधी से जबाव मांगने वाले क्या अपने किसी प्रतिष्ठान में नोकरी करने वाले की वो नोकरी के बाद क्या काला पीला कर रहा है ये जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं ।

किसी भी कर्मचारी का पुलिस द्वारा सत्यापन कराना प्रशासन और सरकार का काम है । गुजरात में सरकार बीजेपी की ही है ये भी बीजेपी को नहीं भूलना चाहिए ।

इसलिए गुजरात के मुख्यमंत्री को आतंकी की गिरफ्तारी के मुद्दे पर जबाव खुद से अपनी पुलिस से अपने प्रशासन से और अपनी सरकार से अपनी एल आई यू से भी पूछना चाहिए कि दो सफेदपोश आतंकी एक लैब टेक्नीशियन और एक वकील उनकी सरकार की नाक के नीचे पाए जाते हैं अब तक क्या कर रही थी सरकार की इंटेलिजेंस ।

जबकि अहमद पटेल तो 2014 से उस अस्पताल के ट्रस्टी भी अब नहीं हैं रही बात कार्यक्रम कराने की उस अस्पताल में तो अहमद पटेल पूर्व ट्रस्टी तो आखिर रहे ही हैं उस अस्पताल के ये तो कोई मुद्दा भी नहीं है उनको कटघरे में खड़ा करने के लिए ।

आतंकी घटनाओं पर राजनीति न करने के उपदेश देने वाले बीजेपी के नेता खुद आतंकी गिरफ्तारी के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं ।
अब बीजेपी के नेता जब आतंकी गिरफ्तारी मुद्दे पर राजनीति कर ही रहे हैं तो प्रश्न पूछने से पहले अपने गिरेबाँ में झांकते हुए इन प्रश्नों के उत्तर भी देने की कृपा करें-
1. मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम जिनकी पत्नी विदेश से मुंबई आकर किनके शासन में बड़े ही आराम से फुर्र हो गई ?
2. नवाज शरीफ और मुशर्रफ को बिरयानी किसने खिलाई ?
3. जिन्ना की मजार पर मत्था टेकने कौन गया ?
4.जिन्ना पर किताब किसने लिखी ?
5. पाकिस्तान को छोटा भाई किसने बताया ?
6. पठानकोट हमले के बाद पाक एजेंसी का जांच दल किसके शासन में पठानकोट (भारत) आया ?
7. लाहौर बस लेकर कौन गया ?
8. नवाज शरीफ के नातिन के जन्मदिन पर बिन बुलाए कौन गया था ?
9. पाकिस्तान पी एम ने किस भारत के पी एम की माँ को साड़ी दी थी ?
10. संसद भवन में किनकी सरकार में आतंकवादी संसद भवन में घुस गए थे ?
अब सवाल तो और भी हैं लेकिन बीजेपी के नेता आतंकी पकड़े जाने पर कांग्रेस से सवाल बेशक पूछें कांग्रेस द्वारा उनको जबाव दिए भी गए हैं अब बीजेपी के नेता इस मुद्दे पर बेशक कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करें लेकिन बीजेपी को भी सवालों के कटघरे में खुद को खड़ा होने का माद्दा भी दिखाना होगा और अब बीजेपी के नेताओं को उपरोक्त सवालों के जबाव देने का हौसला भी अब दिखाना चाहिए ।

आतंकी पकड़े जाने पर जिस प्रकार बीजेपी की ओर से सियासत का जाल फेंका जा रहा है असल मे इसके भी कईं कारण हैं-

1-राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के साम दाम दण्ड भेद को धता बताते हुए जिस प्रकार से अहमद पटेल ने बीजेपी के बुने हुए चक्रव्यूह को तोड़ जीत हासिल की थी उस हार के घाव भी बीजेपी के दिल मे ताजा हैं ।
2-बीजेपी जय शाह के शाही विकास के मुद्दे से जनता का धतं हटाना चाहती है ।
3-गुजरात और देश मे जिस प्रकार से जुमलों की शक्ल में विकास का लॉलीपॉप जनता को थमाया गया उस कारण विकास भी पागल हो गया ।
4- नोटबन्दी और जी एस टी को जनता के ऊपर महामारी के रूप में थोपने के अपने तुगलकी फरमान से जनता का ध्यान हटाने के लिए भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उछाला जा रहा है ।
वैसे कुल मिलाकर इन सारी बातों का भावार्थ ये निकलता है कि केंद्र सरकार जन आकांक्षाओं पर पूरी तरह फेल साबित हुई है अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए आतंकी पकड़े जाने की घटना से अहमद पटेल को कटघरे में खड़ा करने का सिर्फ प्रयास कर रही है गुजरात की जनता और देश की जनता बीजेपी के मंसूबों को जान चुकी है और इस हकीकत को बीजेपी भी जानती है ।
पं संजय शर्मा की कलम से

tooti neend ke parinde

Author  Photo SONIA PARUTHI   (Sun 7th Apr 2019) tooti neend ke parinde
Raat bharr jaagne wale saare aashiq nahi hote,
Kabhi kabhi kuch jimmedaariya aur tute dil ke tukde bhi neend uda dete.

Tooti neend ke parinde bheegh jaati palkein,
Kya hai dil mein kabhi kisi se kuch nahi kehte.

Kyu jab subah neend hai khulti,
Tou sirhana ki bheegi chadar milti.

Chehre.... Read More

अनोखा प्यार......भाग-१

Author  Photo Shrivastva MK   (Sun 8th Oct 2017) अनोखा प्यार......भाग-१
नमस्कार,
मेरा नाम मनीष है,मैं कोई लेखक तो नही हूँ हा पर अपनी टुटी-फूटी शब्दों से कुछ लिखने की कोशिश जरूर करता हूं, आज की मेरी दूसरी कहानी काफी रोमांचक है,जी हां जो आपको प्यार की उन हसीन वादियों की सैर कराएगा,
ये कहानी पटना की एक छोटी सी गली की है।
मेरी इस कहानी के हीरो है:- रोहित, एक ऐसा लड़का जिस.... Read More

जिंदगी इक धुआँ

Author  Photo Pandit Sanjay Sharma 'aakrosh'   (Thu 12th May 2016) जिंदगी इक धुआँ
जिंदगी क्या है
वो इक धुएँ की तरह होती है
कब उड़ जाये
खुद को भी खबर नहीं होती है
रह जाता है राख का इक ढेर
जिसके लिए ये दुनिया रोती है

पं संजय शर्मा 'आक्रोश'.... Read More

Chal Musafir

Author  Photo Pandit Sanjay Sharma 'aakrosh'   (Sat 31st Jan 2015) Chal Musafir
Chal musafir chalta ja
Duniya kam karta ja
Houslo se tu apni
Mushkile hal karta ja
Jindgi ke is safar par
Tu hi aage badta ja
Chal musafir chalta ja

Raste mai aayengi
Mushkile bahut si magar .... Read More

Yaaron ki yaari mein khuda ko paigaam

Author  Photo SONIA PARUTHI   (Sat 26th May 2018) Yaaron ki yaari mein khuda ko paigaam
heege hain naina
aaye na chaina
milne ki hai aas dosto se
pukaar rhein hai dil se
dur hokar bhi paas hote hai ye yaar
mile inko poore jahan ka pyaar
yaad aati hai bhut yaaro ki
gujarish hai khuda se milane ki
yaaro ki yaari
hai jag se nyari.... Read More

WO HUME MIL GAYE

Author  Photo Shrivastva MK   (Wed 4th Oct 2017) WO HUME MIL GAYE
Aaj murjhaye phul phir se khil gye,
U ghane badalon me bhi do dil mil gye,
Jiski tammna thi varso se hume,
Aaj Wo khushi ke pal bhi mujhe mil gye,

Kya gajab si khubsurati thi unke dil me,
Kya gajab Ki sararati aankhen,
Ye katilana andaaj me unka muskurana,
Bin bole kah gyi wo sari batein,
.... Read More

सपने

Author  Photo Pandit Sanjay Sharma 'aakrosh'   (Fri 6th May 2016) सपने
नभ के बादल घुमड़ घुमड़ जब
आसमान पर छाये थे
कुछ ऐसी ही किस्मत लेकर
हम दुनिया में आये थे
हम तो अपनी आशाओं में
कुछ सपने बुनकर लाये थे
सपनों की उस बगिया के
कुछ फूल चुनकर लाये थे
गम नहीं इस बात का
कुछ दर्द यहाँ पर पाये थे.... Read More

विदुषी महिला

Author  Photo Sudhakar Kumar   (Sat 6th Dec 2014) विदुषी महिला
एक अमीर आदमी की शादी विदुषी महिला से हुई।
आदमी हमेशा अपनी पत्नी से
तर्क-वितर्क में पराजित हो जाता था।
एक दिन पत्नी ने कहा की औरते, पुरूषो से
किसी मामले में कम नहीं होती।
पुरूष ने कहा ठिक है,
मैं दो साल के लिये तुमसे दूर जा रहा हूँ।
इन दो सालो में एक महल,व्यापार में मुनाफा और एक बच्चा पैदा कर .... Read More

मुशीबत आने पर इंसान इंसान का हाथ छोड़ देते है

Author  Photo Shrivastva MK   (Sun 26th Nov 2017) मुशीबत आने पर इंसान इंसान का हाथ छोड़ देते है
मुशीबत आने पर
इंसान इंसान का हाथ छोड़ देते है,

जैसे सूर्यास्त के बाद
परछाई साथ छोड़ देते है,

लोग कहते है आप तो मेरे जीवन हो,
पर समय के रुख से वो भी मुह मोड़ लेते है,

हर वक़्त आप पर मोहब्बत बरसाने वाले.... Read More