मेरी कलम और मैं

Author Photo Shrivastva MK Sun 15th Oct 2017      Write your Story
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आज मेरी कलम बेचैन थी,रूठी हुई थी ,एक फटे पन्ने में लिपटकर रो रही थी, तभी अचानक ने मेरी नज़र उस पन्ने पर पड़ी जो पूरी तरह से फट चुकी थी और मेरे आंखों से आँसू निकल रहे थे जब मैं अपनी कलम की ऐसी हालत देखी।मेरी कलम आज किसी के दर्द को देखकर बहुत मायूश हो गई थी, रो रही थी इस दुनिया की तस्वीर देखकर की आज इंसान कैसा हो गया है जो शायद कभी खुशी देते थे आज रुलाने में ब्यस्त है।मैंने अपनी इस कलम की मायूशी आज मैं इसी के शब्दों में लिख रहा हूँ।
आज मेरे कलम के साथ साथ मेरी भी आंखें भीग चुकी है क्योंकि आज सच मे हमने किसी को दर्द में देखा था,मेरी कलम जो हमेशा मुस्कुरा कर मुझे कुछ लिखने पर मज़बूर करती थी आज उस कलम पर उदासी और मायुशी का पहरा था।एक अजीब सी खामोशी छाई हुई थी ।मैं बार बार रो रो कर अपनी कलम से पूछता पर शायद वो आज मुझसे भी रूठ गई थी।कुछ बोल नही रही थी,आज नजाने क्यों मुझे अजीब लग रहा था,मेरी मुस्कुराती हुई कलम को नजाने किसकी नज़र लग गई थी।
जब मैं रूठ जाता तो मेरी कलम मुझे मानती,जब मैं अकेला रहता मेरे पास बैठ जाती आज वो कलम अकेले उदास बैठी थी।
पता है आपको मेरी कलम की वजह से ही मैं मुस्कुरा पाता हूं ,मेरी मुस्कान के पीछे सिर्फ मेरी कलम होती है इसे सब पता होता है मेरी पसंद मेरी नापसंद तभी तो आज लिख भी रहा हु तो इन पलकों में कुछ आंसू की बूंदे लेकर जो शायद उस दर्द का एहसास करा रही थी।
एक तड़प थी उसके दिल मे वो कुछ कहना चाहती थी पर कह नही पा रही थी.....
हर लम्हा मेरा साथ देने वाली कलम ही अगर मुझसे रूठ जाए तो भला मैं कैसे खुश रह सकता हूँ।अगर मेरी कलम ही खामोश हो जाये तो भला मैं कैसे कुछ लिख सकता हु।
हमने भी सोचा था कि अपनी कलम से दुनिया की एक नई तस्वीर बनाऊंगा पर अगर यही रूठ जाए तो वो हिम्मत वो ताकत कहाँ से लाउँगा।दुआ है उस रब से ऐ खुदा ये दुनिया रुठ जाए मुझे मंज़ूर है,ये दुनिया मुझे नापसंद करे मुझे मंज़ूर है,ये दुनिया मेरा साथ न दे मुझे मंज़ूर है लेकिन अगर मेरी कलम मुझसे रूठ गई तो मैं मर जाऊंगा क्योंकि इस झूठी दुनिया मे सिर्फ ये प्यारी कलम ही है जिससे मुस्कुरा कर हम अपना दर्द बांटते है।अपने दिल की बात कहते है।
आज इसकी खामोशी मतलब मेरी ख़ामोशी...............................…..................................................................................................................................
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Badla zindagi ne rukh

Author  Photo SONIA PARUTHI   (Sat 26th May 2018) Badla zindagi ne rukh

Meri zindagi ne mod liya kaisa
Socha nahi tha ki hoga kabhi aisa
Hawao ka badalta rukh
Deta hai bahut dukh
Akhiyon se bas behti hai nadiya
Hai bahut si majburiya
Badal gaya ye aasma
Kaisa hai ye khuda ka karishma .... Read More

खूबसूरत रिश्ता......दोस्ती

Author  Photo Shrivastva MK   (Tue 10th Oct 2017) खूबसूरत रिश्ता......दोस्ती


और कहा जाता है कि ज़िन्दगी में जो भी होता है कहीं न कहीं उसमे उस ख़ुदा की मर्ज़ी होती,आज मैं एक ऐसे दोस्त की बात कर रहा हूँ जिसकी उम्मीद हमने शायद सपने में भी न किया था,आज मैं उस भगवान का तहे दिल से सुक्र गुजार हूँ जिसने मुझे मोती से अनमोल,हिरे से कीमती दोस्त दिया, एक ऐसा दोस्त जिसकी तुलना आज के इ.... Read More

उ प्र में कौन देगा जान और माल को सुरक्षित रखने का लाइसेंस

Author  Photo Pandit Sanjay Sharma 'aakrosh'   (Tue 5th Sep 2017) उ प्र में कौन देगा जान और माल को सुरक्षित रखने का लाइसेंस
उ प्र में कौन देगा जान और माल को सुरक्षित रखने का लाइसेंस ? सरकार या पुलिस या फिर बेलगाम अपराधी ?
उ प्र में कौन देगा जनता की जान और माल को सुरक्षित रखने का लाइसेंस ?
सरकार या पुलिस या फिर बेलगाम अपराधी ?

उ प्र का वक्त बदला निजाम बदला पर अपराधों पर हालात नहीं बदले बल्कि देखा जाय तो आज के हालात औ.... Read More

Sapne

Author  Photo Krrish Agrawal   (Fri 20th Feb 2015) Sapne
sath na rahne se riste nahi tuta

karte,vakt ke haath se lamhe nahi

chuta karta,pagal hote hai vo loge jo

kahte hai mera sapna tut gya,neend

tuta karti hai sapne nahi tuta karte.
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एक तौफा...For my dearest friend

Author  Photo Shrivastva MK   (Sat 26th May 2018) एक तौफा...For my dearest friend
बड़ा अजीब है दास्तान-ए- प्यार का,
बिन लब्ज़ मोहब्बत-ए- इज़हार का,
बेशब्री से इंतेज़ार है हमे उस पल का
उस प्यारी परी, मौसम-ए- सदाबहार का,

इन होठों पर सजी रहे मुस्कान-ए-प्यार का,
इन दिलो मे बनी रहे तड़प-ए-बेक़रार का,
हर ख्वाइशें हमारी हो जाएंगी पूरी जब
आएंगी वो खूबसूरत पल-ए-इंतेज़ार का,
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YE ZINDAGI KIS KAAM KI

Author  Photo Shrivastva MK   (Wed 4th Oct 2017) YE ZINDAGI KIS KAAM KI
Wo Zindagi kis Kam ki
Jisme tumhara sath na ho,
Wo hoth kis Kam ki
Jisme Tumhari muskan na ho,
Taare bhi tut Kar gir jate ek din
Jab Chand ka sath na ho,

Wo aankhey kis Kam ki
Jisme tumhara chehra na ho,
Wo dil kis Kam ki .... Read More

हमदर्द....

Author  Photo Somya Saraswat   (Wed 15th Mar 2017) हमदर्द....
इस गगन को हमदर्द बनाने का मन करता है,

हवाओ को निगाहों पर से महसूस करने का मन करता है,

मुश्किलों मे पेड़ की छाया मे अक्सर बैठा करते है लोग,

उस छाया की कसम, दो पल सुकून देने के लिए वह धुप से वकालत करता है,

इस गगन को हमदर्द बनाने का मन करता है....
.... Read More

Jindgi ik ret hai

Author  Photo Pandit Sanjay Sharma 'aakrosh'   (Sun 1st Feb 2015) Jindgi ik ret hai
Jindgi ek ret hai
Jo haatho se fisal jati hai
Mere khwavo mai bhi bas
Tu hi najar aati hai
Tere aane ki mujhe
Ik aahat si najar aati hai
Jaise badal mai ik
Bijli si chamak jati hai
Door kahi koyal bhi
Kuhkuhati hai.... Read More

siyahi ke ashq

Author  Photo SONIA PARUTHI   (Sun 28th Jul 2019) siyahi ke ashq
Dharti par sir duniya jhukati,
Aasmaan mein dua Qubool ho jati.

Kudrat ka kaisa hai karishma,
Bheegi aankho se muskurane ka alag hi hai mja.

Haste haste palkein bheeg jaana bhi alag hai kahani,
Baat keh ke tou koi bhi samajh leta dil ki zubani.

Khamoshiya koi samjhne wala ho,.... Read More